
किसी भी देश का विकाश तभी संभव है जब वहा की महिलाये विकसित हो महात्मा गांधी ने कहा था की अगर घर के किसी कोने में गड खजाना अचानक मिल जाए तो कितनी खुसी होगी । महिलाये सक्ति सुस्त पड़ी है अगर भारत की महिलाये जग जाए तो वे इशी प्रकार विस्व को चकाचौंध कर देगी । समाज मैं स्त्री का बड़ा महत्व है जिस घर परिवार मैं स्त्री शिकक्षित हो उनके बच्चे सदा ही उनती के पथ पर अग्रसर रहते है वह सुंदर परिवार की निर्मात्री है जब तक हमारे आंदोलन में महिलाये भी भरपूर हिस्सा नहीं लेंगी ,तब तक हमारा आंदोलन कभी सफल नहीं हो सकता । ग्राम विकाश मैं महिलाये नेरतीत्व का अभिप्राय महिलाओ को पुरुषों के बराबर वैधानिक ,राजनैतिक ,मानसिक ,सामाजिक एवों आर्थिक क्षेत्रो में उनके परिवार समुदाय समाज एवं देश की संस्कृति परिस्तहभूमि में निर्णय लेने की स्वतंत्रता से है .महिलाओ में इस प्रकार की क्षमता का विकास जिसमे वे अपने जीवन का निर्वाह इच्छानुसार कर सकने में सछम हो एवं उनके अंदर आत्मविसवाश ओर सावभीमान को जागृत करना है






































































































